बुधवार, 22 जुलाई 2009

रात पिया ने बड़ा तंग कियो रे

एक स्त्री अपने पति की शिकायत करने थाने पहुँची थानेदार से जो शिकायत की. थानेदार मेरे मित्र हैं मैं उन्हीं के साथ बैठा था मैं उसकी व्यथा को गीत के रूप में यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ ------

रात पिया ने बड़ा तंग कियो रे
कैसे कहूँ जो मेरे संग कियो रे

पल भर उसने सोने दिया रे
रोना चाहा पर रोने दिया रे
ऐसे लड़ा वो जैसे जंग कियो रे

अपनी ही धुन में खोया रहा वो
कुछ सुनी हाय मैंने कहा जो
दैया हाल बड़ा ही बेढंग कियो रे

बहुत बचाया पर बचा नहीं पाई
उसकी पकड़ को छुडा नहीं पाई
ढीला हर एक उसने अंग कियो रे



व्यथा सुनकर थानेदार के भी होश उड गए ,फ़िर भी थानेदार ने तुंरत आदेश दिया हवलदार जल्दी जाकर इनके पति को गिरफ्तार करके लाओ . आधे घंटे में हवलदार उसके पति को गिरफ्तार करके ले आया .थानेदार ने चेतावनी देते हुए कहा माना कि इनके आप पति हैं इसका मतलब यह नहीं कि इनकी मर्जी का ध्यान रखा जाएइस बार छोडे देता हूँ आइन्दा के लिए ध्यान रहेसमझे ......वरना बलात्कार का केस लगाने में मुझे ज्यादा देर नहीं लगेगी
थानेदार का फैसला सुनके पति पत्नी दोनों घर चले गए..

8 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर रचना --
    पर यह थानेदारी कब से शुरू कर दी आपने? कर भी दी तो उस बेचारे पति की तरफदारी तो कर देते.

    उत्तर देंहटाएं
  2. majedaar kissa..
    fir bhi thanedaar ko bich me nahi aana tha aakhir mamla pati aur patni ke bich ka tha..par kya kare ek mahila ki shikayat ko sab prathmikata dete hai..
    badhiya..dhanywaad

    उत्तर देंहटाएं
  3. घटना को शब्दों में अच्छा बाँधा है।
    बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति के साथ बड़े ही सुंदर रूप से आपने घटना को प्रस्तुत किया है! बहुत अच्छा लगा!

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत ही धारदार व्यंग मारा है कानून पर, भविष्य में ऐसे भी केस आ सकते हैं थाने में इसकी एक झलक तो आप दिखला ही गए....................
    बधाई स्वीकार करें..........किसी को भी थाने में सपोर्ट न कर हम सब को आगाह करने की.

    उत्तर देंहटाएं
  6. मेरा हौसला बढाने के लिए आप सभी ब्लागर मित्रों का दिल से धन्यबाद !!

    उत्तर देंहटाएं