शुक्रवार, 7 अगस्त 2009

हिंदुस्तान के वीर सैनिक


सीमाओं की है रक्षा तुमसे
तुमसे यह हिंदुस्तान है
हिंदुस्तान के वीर सैनिको
तुमपे हमको अभिमान है

घरवार छोड़ सीमाओं पर
बैठे हो आँखें लगाये
उसे मिटादो जो भी दुश्मन
सीमाएं लाँघ के आए
तुमसे देश का गौरव है
तुमसे देश की शान हैं

देशवासियों की खातिर
सीमाओं पर कष्ट उठाते हो
अपनी नीदें खो करके
हमको बेखौफ सुलाते हो
तुम सब के लिए हमारे
दिलों में बड़ा सम्मान है

तुम्हारी बहादुरी के आगे
दुश्मन टिक नहीं सकता
तुम्हारी पकड़ छुडा करके
दुश्मन भाग नहीं सकता
धन्य तुम्हारा है देश प्रेम
धन्य तुम्हारा बलिदान है

हिंदुस्तान के वीर सैनिक
दुनिया में नम्बर एक हैं
तुम्हारी वीरता की गाथाएं
एक नहीं कई अनेक हैं
कभी मुडके पीछे देखो
ऐसी तुम्हारी पहिचान है

धन्य हैं वो माँएं जिन्होंने
तुम सा वीर जवान जनां
मातृभूमि की रक्षा खातिर
कर देते हो खुदको फ़ना
देशवासियों के काम आए
जीवन तुम्हारा महान है


12 टिप्‍पणियां:

  1. वाह बहुत बढ़िया लिखा है आपने! हमें सारे सैनिकों पर गर्व है जो हिंदुस्तान के लिए मर मिटते हैं और अपनी जान की परवाह न करते हुए देश के लिए कुर्बान कर देते हैं! उन सारे वीर सैनिकों को मेरा सलाम!

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  2. aapki kavita ne ek josh sa bhar diya hai ... naman hamaare shahido ko


    regards

    vijay
    please read my new poem " झील" on www.poemsofvijay.blogspot.com

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  3. deshbhakti ke jajbe ko slaam.... posty achchi lagi.........

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  4. boht khoobsurat vicharo se bhari kavita..sainik desh ki raksha me jeevan bita dete hai...

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  5. प्रेरक और देश के सैनिको के सम्मान मे रची यह रचना बहुत ही खूबसूरत है.
    सुन्दर रचना के लिये बधाई

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  6. AMAR VEER SAPOOT JO PRAHRI HAIN DESH KI........HAMAARA BHI SALAM HAI UNKO...SUNDAR RACHNA HAI..

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  7. आप सभी ब्लोगर मित्रों का मेरा हौसला बढाने के लिए दिल से धन्यबाद!!

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