बुधवार, 18 मार्च 2009

तीर कमान से चलाते नहीं सोचते सब घायल हो जायें


तीर कमान से चलाते नहीं 
              सोचते सब घायल हो जायें।
हुनर अपना दिखाते नहीं 
             सोचते सब कायल हो जायें।

इरादा हो तो कोई भी डायल 
                हो सकता तुम्हारे प्यार से
ऐसा नही कि बिना डायल किए 
                    मन के डायल हो जायें।

पहले पहले शुरूआत करनी 
             पड़ती अपनी तरफ़ से यारो
अगर तमन्ना है कि मेरे पैरों की 
                   सब ही पायल हो जायें।

मुस्कराने से भी आज परहेज 
                 करने लग गया हर कोई
अब आप ही बताओ ऐसे कैसे 
             सब ही तुम्हारे लायल जायें।

5 टिप्‍पणियां:

  1. मुस्कराने से भी आज परहेज करने लग गया हर कोई
    अब आप ही बताओ ऐसे कैसे सब तुम्हारे लायल जायें।

    -सच है मुस्कुरा कर सब को अपना बनाया जा सकता है.

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  2. अस्त्र-शस्त्र से घायल कर देना, ना-इंसाफी हैं।

    तीर चलाओ मत कमान से, नजरें ही काफी हैं।।

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  3. पहले पहले शुरूआत करनी पड़ती अपनी तरफ़ से यारो
    अगर तमन्ना है कि मेरे पैरों की सब पायल हो जायें।
    Nice

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  4. मुस्कराने से भी आज परहेज करने लग गया हर कोई

    अब आप ही बताओ ऐसे कैसे सब तुम्हारे लायल जायें।

    lijiye bhi ham muskura dete hain....!!

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