शनिवार, 11 अप्रैल 2009

पहले नज़र मिली फ़िर उस से बात हो गई।


पहले नज़र मिली फ़िर उस से बात हो गई।
धीरे धीरे जाने कब वो हम ख्यालात हो गई।

जरूर होगा ऊपर वाले का मुझपे रहमो करम
जिसकी तलाश थी उसी से मुलाकात हो गई।

कट रहे दिन रात मेरे मस्तियों में आज कल
मस्त मस्त अब तो मेरी हर एक रात हो गई।

एक दूसरे पर खुशी से खुशी लुटा रहे हैं हम
हम डाल डाल पर और वो पात पात हो गई।

6 टिप्‍पणियां:

  1. इक हादसे में उनसे मुलाकात हो गयी।
    मेरे लिए ये ‘प्रेम’ की सौगात हो गयी।
    बस नजर मिली, नजर में बात हो गयी।
    हम डाल-डाल थे वो पात-पात हो गयी।

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  2. एक दूसरे पर खुशी से खुशी को लुटा रहे हैं हम
    हम डाल डाल पर और वो पात पात हो गई।

    --बस, प्रसन्न रहें ऐसे ही-शुभकामनाऐं.

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  3. बहुत सुन्दर रचना , दिल में एक उमंग जगा गई
    जिसकी तलाश थी उसी से मुलाकात हो गई।

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