रविवार, 8 मार्च 2009

तेरे प्यार की बदौलत जिन्दा हूँ अब तक



तेरे प्यार की बदौलत जिन्दा हूँ अब तक
भूल कर अपना प्यार मुझसे कम न करो


दिलो जान से  हाजिर है तुम्हारी खातिर
अब और गुस्सा वजीरे- आजम न करो।


आओ भूल जाएँ मिल कर गिले शिकवे
अपना बनालो ख़राब ये मौसम न करो।


जख्में दिल अब भरने वाले नहीं जल्दी
छोड़ दो इन को इन पर मरहम न करो।


मतलब में मीठे हो वैसे तो कडुए हो तुम
जाओ मैं नहीं बोलती  मेरा दम न भरो।





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