रविवार, 16 जनवरी 2011

मँहगाई


मँहगाई
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अब तो मार ही डालेगी मँहगाई
जीते जी ही खालेगी मँहगाई

बेबस हुआ है शासन सारा
लुटेरों ने लूट है मचाई।
अब तो मार ही डालेगी मँहगाई

भला कोई खरीदे क्या खाये

कुछ भी समझ में आये

हर मुख से निकल रही आई
अब तो मार ही डालेगी मँहगाई

कहीं मिलती नहीं असली चीजें

हर तरफ मिलती नकली चीजें

हर नीयत में खोट है समाई
अब तो मार ही डालेगी मँहगाई

दया करुणा कर गयी किनारा

छोड़ कर इंसानियत बेसहारा

मच रही हर तरफ हाय- हाय
अब तो मार ही डालेगी मँहगाई


शुक्रवार, 7 जनवरी 2011

जय माँ भवानी

Recorded

जय माँ भवानी

तेरे द्वार की माँ सीढ़ियाँ जो चढ़ गया है
जीवन में आगे ही आगे वो बढ़ गया है
मैं भी तेरी सीढियां यही सोचके चढ़ा हूँ
सुनले मेरी फ़रियाद तेरे सामने खड़ा हूँ

जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय
माँ भवानी, जय माँ भवानी
करुँ तेरा गुणगान, करो मेरा कल्याण
करुँ तेरा गुणगान, करो मेरा कल्याण
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी

हर लो माँ सब दुःख मेरे
के पड़ा हूँ द्वार तेरे
तेरा ही अब मुझको सहारा
हरो मेरा व्यवधान,हरो मेरा व्यवधान
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी

जीवन से मैं ऊब गया हूँ
भव सागर में डूब गया हूँ
नीचे ही गिरता जाता हूँ
करो मेरा उत्थान, करो मेरा उत्थान
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी

कुछ भी मुझको भाये ना
कुछ भी समझ में आये ना
अज्ञानी हूँ मैं इस जग में
हरो मेरा अज्ञान ,हरो मेरा अज्ञान
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी

हर किसी ने मुझको लूटा है
लगता हर रिश्ता झूठा है
झूठ नहीं मैं सच कहता हूँ
रिश्ता तेरा महान,रिश्ता तेरा महान
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी

मंगलवार, 4 जनवरी 2011

जो नहीं हो वो ही सबको बताते क्यों हो


जो नहीं हो वो ही सबको बताते क्यों हो
खुद की नज़र में खुदको गिराते क्यों हो

जो मिलना होगा मिल जायेगा वक्त पर
वक्त से पहले आखिर छटपटाते क्यों हो

असफल तुम्हीं नहीं बहुत हुए हैं जहाँ में
असफलता पर दुःख को मनाते क्यों हो

हार जीत सुख दुःख ये राही हैं जीवन के
इनसे हौसला लो खुदको रुलाते
क्यों हो

तुम्हारे सिवा तुम्हारे साथ कोई भी नहीं
लड़िये जंग खुदको बेदम बनाते क्यों हो