गुरुवार, 11 अगस्त 2016

तेरे प्यार में गिरा गया हूँ उठाले मुझको


तेरे प्यार में गिरा गया हूँ उठाले मुझको
दे कर अपनी मुहब्बत के उजाले मुझको।

खुद को संभालते संभालते थक गया हूँ मैं
अब कोई तो आये और आके संभाले मुझको।

बिना किसी को अपना बनाये कोई जिए कैसे
मैं कोई बुरा तो नहीं अपना बनाले मुझको।

तैयार हूँ किसी को अपना बनाने के लिए
दिल से निभा दूंगा कोई अपनाले मुझको।

चुस्त दुरस्त मस्त दिल वाले की तलाश है
पसंद ही नहीं आते लोग ढीले ढाले मुझको।

जब भी बुलाओगे पास दौड़ा चला आऊंगा
या फिर तू ही कभी पास बुलाले मुझको।

किस्मत मेरी बंद पड़ी हुई तालों में यारो
चाबी लिए घूम रहा मिलते नहीं ताले मुझको।