रविवार, 4 अक्तूबर 2009

उनसे दो बातें क्या करली उनका दम घुटने लगा


उनसे दो बातें क्या करली उनका दम घुटने लगा ।
उन्हें ऐसा लगा जैसे उनका सब कुछ लुटने लगा ।

तारीफ इसलिए की जाती कि आत्मीयता बनी रहे
इसका मतलब यह नहीं कि जमाना झुकने लगा।

वो बहुत खूबसूरत हैं किसी ने उनसे जो कह दिया
फ़िर क्या फ़िर तो चाँद बदली में जाके छुपने लगा।

एक से एक पड़े खूबसूरत चेहरे खूबसूरत जहाँ में
जाने हर कोई शख्श उनकी तरफ़ क्यों मुड़ने लगा।

8 टिप्‍पणियां:

  1. तारीफ इसलिए की जाती कि आत्मीयता बनी रहे
    इसका मतलब यह नहीं कि जमाना झुकने लगा।
    सत्य वचन. खूबसूरत रचना

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  2. तारीफ इसलिए की जाती कि आत्मीयता बनी रहे
    इसका मतलब यह नहीं कि जमाना झुकने लगा।

    वो बहुत खूबसूरत हैं किसी ने उनसे जो कह दिया
    फ़िर क्या फ़िर तो चाँद बदली में जाके छुपने लगा।

    बहुत सुन्दर !

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  3. वो बहुत खूबसूरत हैं किसी ने उनसे जो कह दिया
    फ़िर क्या फ़िर तो चाँद बदली में जाके छुपने लगा।

    ati sundar. badhaai

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  4. अद्भुत परिहास बोध आपकी ग़ज़ल में एक ताक़त भरता है।

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  5. आपके ब्लॉग पर पहली बार आया ! अच्छा लगा ।

    आपकी रचनाएँ काबिले-गौर व काबिले तारीफ हैं।

    http://gunjanugunj.blogspot.com

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  6. आप सभी ब्लोगर मित्रों का मेरा हौसला बढाने के लिए दिल से धन्यबाद!!

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