सोमवार, 6 अक्तूबर 2014

वरिष्ठ कवि महोदय की युक्ति

                           वरिष्ठ  कवि महोदय की युक्ति

वरिष्ठ कवि वो कहलाते हैं जो किसी कवि सम्मलेन में जाते हैं और थोड़ी देर बाद ही बड़े विनम्र भाव से संचालक महोदय से निवेदन के साथ कहते  हैं  मुझे जल्दी अवसर देने की कृपा करें एक जरूरी काम है वार्ना मेरी इच्छी तो थी कि सभी कवियों को सुनकर ही जाता । आशा है आप सब हमें क्षमा कर देंगे। सचमुच ही हम सब उन्हें क्षमा कर देते हैं और वो अपनी कविता अधिक से अधिक समय सुनकर सुनाकर अपना प्रतीक  चिन्ह  व पारश्रमिक ले जाना नहीं भूलते हैं. धन्य हो  श्रीमान!
जब मैंने जाते हुए कवि से एकांत में पूंछा  तो बोले मैं  एक वरिष्ठ कवि हूँ बहुत देर तक रुकना मेरे सम्मान के खिलाफ है इस लिए जा रहा हूँ।  मैंने यहाँ तक का सफर ऐसे ही तय नहीं किया श्रेष्ठ  कवि बनने के लिए वरिष्ठ  कवियों से यही युक्ति सीखी है । जयहिंद , चलता हूँ क्षमा करें बंधुवर !

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