शुक्रवार, 18 जून 2010

ले लो मुझको शरण में मेरी माँ, माँ मेरी प्यारी माँ


मेरी माँ ... प्यारी माँ ...
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ

पीछे पड़ा मेरे, सारा जमाना
पागल होकर, होकर दीवाना
मुझको बचालो मुझको छुपालो इस जग से मेरी माँ
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ

छोड़ दूँगा अब ये पाप की दुनियां
आऊँगा अब माँ आप की दुनियां
तेरा द्वारा है मेरा गुजारा
सचमुच आज से मेरी माँ
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ

मेहनत करूँगा मजदूरी करूँगा
कुछ गलत माँ अब करूँगा
सीधी राहें होंगी अब मेरी राहें खाऊँ कसम मेरी माँ
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ

1 टिप्पणी:

  1. नमस्ते,

    आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

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