बुधवार, 31 अगस्त 2016

स्वरचित अन्तरा- फिल्म- 'राम तेरी गंगा मैली


 फिल्म- 'राम तेरी गंगा मैली'  गीतकार - रविन्द्र जैन 
 स्वरचित अन्तरा - प्रेम फर्रुखाबादी 

एक राधा  एक मीरा  दोनों ने श्याम को चाहा  
अंतर क्या दोनों की  चाह में बोलो  
एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी           -रविन्द्र जैन 

अपनी अपनी धुनि  में डूबी दोनों ही बेसुध होकर
मन मोहन की शरण हुई वो खुद ही खुद में खोकर 
एक तन से एक मन से, पाया दोनों ने जतन  से 
अंतर क्या दोनों की लगन में बोलो  
एक सजन रिझानी  एक भजन रिझानी          - प्रेम फर्रुखाबादी 

एक राधा  एक मीरा  दोनों ने श्याम को चाहा  
अंतर क्या दोनों की  चाह में बोलो  
एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी           -रविन्द्र जैन 

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