शुक्रवार, 27 मई 2016

यह रेलगाड़ी, यह रेलगाड़ी

यह रेलगाड़ी

     यह रेलगाड़ी   

यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी                      
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी                       
चलके दिखाए चलना सिखाए 
जीवन में आगे बढ़ना सिखाए।
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी 
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी  

अपने लिए कभी जीती नहीं है 
ऐसी कोई इसकी नीति नहीं है 
पर सेवा में सारा जीवन बिताए। 
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी 
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी 

गाँव हो या फिर शहर हो भले 
चाहे फिर कोई भी पहर हो भले 
अपने हर साथी को मंजिल पहुंचाए।
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी 
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी

अपनी ही धुन में रहती है सदा 
ऐसे ही जियो सबसे कहती है सदा 
मस्ती में मस्ती से सीटी बजाये।
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी 
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी

बैठके अकेले समझो इस का मरम 
इंसानी धर्म है इस का धर्म धरम 
जो भी बैठे उसको दिल में बिठाये। 
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी 
यह रेलगाड़ी यह रेलगाड़ी
     -प्रेम फ़र्रुखाबादी 

 



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