गुरुवार, 2 जुलाई 2015

स्वरचित अन्तरा फिल्म -डोली


फिल्म -डोली 

डोली चढ़के दुल्हन ससुराल चली 
कैसे हसरत से देखे बाबुल की गली 

डोलियां खुशनसीबों की सजती रहें 
मेहन्दियां सबके हाथों की सजती रहें 
फूल सहरे की भी मुस्कराते  रहें 
चूड़ियाँ दुल्हनों की खनकती रहें 

डोली चढ़के दुल्हन ससुराल चली 
कैसे हसरत से देखे बाबुल की गली   - राजेंद्र कृष्ण 

लाज दोनों कुलों की निभाएगी ये

प्रीति से अपना सबको बनाएगी ये
जीत लेगी दिलों को ये ससुराल में
साथ सुख दुःख के जीवन बिताएंगी ये  -प्रेम फ़र्रुखाबादी  

डोली चढ़के दुल्हन ससुराल चली 
कैसे हसरत से देखे बाबुल की गली  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें