रविवार, 28 जून 2015

स्वरचित अन्तरा फिल्म - आपकी कसम



ल : पास नहीं आना भूल नहीं जाना
तुमको सौगंध है कि आज मोहब्बत बंद है
पास नहीं आना ...
कि : पहले तो आग भड़काती है
फिर दिल की प्यास तू बुझाती है
तेरी यही अदा तो मुझको पसंद है
ल : अच्छा
कि : हाँ-हाँ
ल : मगर आज मोहब्बत बंद है ...   - आनंद बक्शी 

जब भी मुझे तू दिख जाती है 
नीयत मेरी डिग जाती है 
सच पूंछो आज मेरा  हौसला बुलंद है।  - प्रेम फ़र्रुखाबादी 
मगर आज मुहब्बत बंद है.…  

अपने पहलू में खो जाने दे 
जो भी होता है  हो जाने दे 
कैसे कहूँ ऐसी आये तुझमें सुगंध है।  - प्रेम फ़र्रुखाबादी 
मगर आज मुहब्बत बंद है। … 




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