बुधवार, 17 जून 2015

स्वरचित अन्तरा फिल्म - मेरे जीवनसाथी



फिल्म -मेरे जीवनसाथी 

ओ मेरे दिल के चैन
चैन आये मेरे दिल को दुआ कीजिए।     -  मजरूह   सुल्तानपुरी 

कहना जो चाहूँ कैसे कहें वो, 
सोच नहीं पाता हूँ मैं
किसी तरह से भी खुद को,
रोक नहीं पाता  हूँ मैं 
बढ़ रही साँसें, 
कह रही आँखें 
मान जाओ न मुझको मना कीजिये।          -प्रेम फ़र्रुखाबादी 

ओ मेरे दिल के चैन
चैन आये मेरे दिल को दुआ कीजिए।     -  मजरूह   सुल्तानपुरी 

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