सोमवार, 25 मई 2015

स्वरचित अन्तरा - फिल्म -काली चरण



स्वरचित अन्तरा  - फिल्म -काली चरण 

जा रे जा ओ हरजाई, देखी तेरी दिलदारी 
दिल देकर मैं कर बैठी, दिल के दुश्मन से यारी 
तुझको बाहों में भरके, मरी गयी मैं तुझपे मरके 
पत्थर की पूजा करके, हारी मैं हारी 
जा रे जा ओ हरजाई, देखी तेरी दिलदारी

हम तुम दोनों मिल जाते तो,मिलती ख़ुशियां सारी
होते पूरे सपने हमारे,मैं हो गयी तेरी दीवानी
होता तू भी दीवाना,दिल मेरा तुझको पुकारे 
तू न माना साजन,दे दी मुझको घुटन
हो, कर ले यकीं मैं खाऊं कसम तुम्हारी।   -स्वरचित अन्तरा-  प्रेम  फ़र्रुखाबादी 

जा रे जा ओ हरजाई, देखी तेरी दिलदारी 
दिल देकर मैं कर बैठी, दिल के दुश्मन से यारी 
तुझको बाहों में भरके, मरी गयी मैं तुझपे मरके
पत्थर की पूजा करके, हारी मैं हारी 
जा रे जा ओ हरजाई, देखी तेरी दिलदारी       - वर्मा मालिक 




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