मंगलवार, 17 मार्च 2015

जिन्दगी, कर ले हँसी, कर के, मुझपे यकीं


जिन्दगी,कर ले  हंसीन , कर के, मुझपे  यकीं

वरना जिन्दगी में  कुछ भी नहीं,कुछ भी नहीं
जिन्दगी, कर ले हंसीन, कर के,  मुझपे यकीं

कसम हैं  तुझको
  मेरी हंसीना
मुझसा 
मिलेगा तुम्हें कहीं ना

आओ बात  तो सुनो  दिल की

क्यों किये हो  मुश्किल  जीना
प्यार से ही रोशन है, सचमुच यह जिन्दगी

जिन्दगी, कर ले हंसीन,कर के,मुझपे यकीं

कब  तक मुझसे यूं दूर भागोगे
कब खुलेगी 
आँख कब जागोगे 

सोच सोच के मैं पगलाता जाऊं
आखिर कब तक  बात मानोगे
क्या चाहती हो तुम जरा कुछ  कहो तो सही

जिन्दगी, कर ले हंसीन,कर के, मुझपे यकीं

दिल में तुम्हारे क्या चल रहा
बतला दो
जो ख्याल पल रहा
बोलो दिलवर कुछ तो बोलो
यूँ चुप रहना  मुझे  खल रहा

आओ करीब आओ, हां  करो छोडो नहीं नहीं

जिन्दगी, कर ले हंसीन,कर के, मुझपे यकीं

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