मंगलवार, 7 अक्तूबर 2014

एक सुझाव

 एक सुझाव

कवि सम्मेलनों में गर ऐसा हो तो बहुत अच्छा हो.  हर कवि को एक रचना से ज्यादा सुनाने का अवसर नहीं मिलना चाहिए अगर कोई कवि यह  समझता  है कि  वो बेहतर है  तो साबित करे इसका निर्णय सामने बैठे श्रोता करें  कि कौन बेहतरीन है बस इतनी सी बात है सोना अलग होगा ,चांदी अलग और लोहा अलग होगा।
या फिर कोई निर्णायक मंडल हो जो यह निश्चित  नंबर १, नंबर २ और  नंबर ३ कौन हैऐसे बेहतरीन कवि सामने आएंगे।

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