सोमवार, 20 अक्तूबर 2014

स्वरचित अन्तरा- फिल्म- शोर


 स्वरचित फ़िल्मी अन्तरा 

हम   ने    तुम्हें    देखा   है 
तुम   ने    हमें      देखा   है 
कौन      कहे      किस    से
दिल   किस   ने    फेका  है 
जिसने     भी      फेका    है 
शुरुआत       सुहानी       है     -प्रेम फ़र्रुखाबादी     

                     

जिंदगी और कुछ  भी नहीं 
तेरी      मेरी     कहानी   है 
एक  प्यार   का  नगमा  है 
मौजों      की    रवानी    है      - संतोषानंद


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