शुक्रवार, 10 अक्तूबर 2014

कभी यह दुनियां पसंद आती है तो कभी नापसंद

कभी यह दुनियां पसंद आती है तो कभी नापसंद। कभी यहाँ से जाने को दिल नहीं करता तो कभी दुनियां छोड़ने को दिल करता है।  जब हम किसी प्यार करते हैं तो बहुत प्यारी लगती है जब नफ़रत करते हैं तो बहुत बुरी लगती है।ऐसा इस लिए होता है कि -
१/३ देवता हैं 
१/३ मनुष्य हैं 
१/३ राक्षस हैं
इन तीन तरह के जीवों की उत्पत्ति का कारण यह ब्रह्माण्ड है हर जीव अपने स्वाभाव के बस कार्य करने के लिए बाध्य है इस पर किसी का बस नहीं चलता।  
-प्रेम फ़र्रुखाबादी

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