मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014

भुलाये नहीं भूलते हैं वो दिन बचपन के



भुलाये नहीं भूलते हैं वो दिन बचपन के
बरसता था आखों से प्यार छन-छन के
मुझे अपनी मुहब्बत पे कितना गरूर था
खुद को दरपन में घूरते थे तन- तन के
मिलने का ढूँढ ही लिया करते थे बहाना
बड़े ही गुलाम थे हम दिल की धड़कन के


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