शनिवार, 6 अप्रैल 2013

फिल्म : आपकी कसम ( गीतकार आनन्द बक्षी )

फिल्म : आपकी कसम ( गीतकार आनन्द बक्षी )

 जय जय शिव शंकर
काँटा लगे न कंकर
जो प्याला तेरे नाम का पिया
ओ~ गिर जाऊँगी, मैं मर जाऊँगी
जो तूने मुझे थाम न लिया
सो रब दी!

एक के दो दो के चार हमको तो दिखते हैं
ऐसा ही होता है जब दो दिल मिलते हैं
सर पे ज़मीं पाँव के नीचे है आसमान, हो~
सो रब दी~
जय जय शिव श,न्कर ...

कंधे पे सर रख के तुम मुझको सोने दो
मस्ती में जो चाहे हो जाये होने दो
ऐसे में तुम हो गये बड़े बेईमान, हो~
सो रब दी!
जय जय शिव शंकर ...

रस्ते में हम दोनों घर कैसे जायेंगे
घर वाले अब हमको खुद लेने आयेंगे
कुछ भी हो लेकिन मज़ा आ गया मेरी जान, हो~
सो रब दी!
जय जय शिव शंकर ...
( गीतकार आनन्द बक्षी )

मैंने पी, तूने पी, सबने ही,जमके पी 
ऐसे ही, पिए जो, जिए वो, जिन्दगी 
मस्ती में, एक दूजे पर, हो गए महरबां। हो  
(स्वरचित अंतरा  प्रेम फर्रुखाबादी )
सो रब दी!
जय जय शिव शंकर ...

बुधवार, 3 अप्रैल 2013

गुजर गया यह जीवन मेरा रोते रोते


गुजर गया यह जीवन मेरा रोते रोते। 
अनचाहे रिश्तों का बोझा ढ़ोते ढ़ोते।। 

पीछे पड़ गयी मेरे दुनिया ये दीवानी 
कब तलक छुडाऊँ पीछा सोते सोते।।

फलते देखे पाप दिन दूने रात चौगुने
फल न पाए पुण्य मर गया बोते बोते।।
 
कई मिले हैं लोग यहाँ पे मन के मैले 
सदियाँ लग जाएँगी इनको धोते धोते।।