सोमवार, 5 नवंबर 2012

जैसे चाहो वैसे तुम जियो जिन्दगी



जैसे चाहो वैसे तुम जियो जिन्दगी
पर याद रहे न हो कोई तुझसे दुखी 

अपने  तरह जो रखे सबका ख्याल

रखने लगे हर  कोई उसका ख्याल
आने लग जाती हर तरफ से ख़ुशी।
  
मस्त रहो मस्ती दो कहते हैं सभी
प्यार करो सबसे  नफरत न कभी
छोड़ दो घुटन को फैलाओ ताजगी।   
  
जैसे चाहो वैसे तुम जियो जिन्दगी
पर याद रहे न हो कोई तुझसे दुखी।

2 टिप्‍पणियां:



  1. प्रेम नारायण जी
    अच्छा गीत लिखा है

    मां सरस्वती और श्रेष्ठ सृजन कराए …
    शुभकामनाओं सहित…
    राजेन्द्र स्वर्णकार

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  2. ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
    ♥~*~दीपावली की मंगलकामनाएं !~*~♥
    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
    सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान
    लक्ष्मी बरसाएं कृपा, मिले स्नेह सम्मान

    **♥**♥**♥**●राजेन्द्र स्वर्णकार●**♥**♥**♥**
    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ

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