शुक्रवार, 4 मई 2012

अहिंसा से भी लोग हिंसा कर देते हैं




अहिंसा से भी लोग हिंसा कर देते हैं 
तो बोलो ऐसी अहिंसा किस काम की.  

हित से भी लोग अहित कर देते हैं
तो बोलो ऐसा हित किस काम का . 

सकारात्मक भी नकारात्मक काम कर देते हैं 
तो बोलो ऐसी सकरात्मकता किस काम का. 

सोचिये !!समझिए, और  ऐसी जिन्दगी से बाहर 
निकलने की कोशिश कीजिए !

मैंने सही कहा या गलत ये आप सोचिये!!
अच्छा लगे तो गौर कीजिये!!  

 प्रेम  फर्रुखाबादी 
   


2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया प्रस्तुति!
    आपकी प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर लगाई गई है!
    चर्चा मंच सजा दिया, देख लीजिए आप।
    टिप्पणियों से किसी को, देना मत सन्ताप।।
    मित्रभाव से सभी को, देना सही सुझाव।
    उद्गारों के साथ में, अंकित करना भाव।।

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