बुधवार, 25 जनवरी 2012

जय माँ भवानी



 जय माँ भवानी

तेरे द्वार की माँ सीढ़ियाँ जो चढ़ गया है
जीवन में आगे ही आगे वो बढ़ गया है
मैं भी तेरी सीढियां यही सोचके चढ़ा हूँ
सुनले मेरी फ़रियाद तेरे सामने खड़ा हूँ

जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी
करुँ तेरा गुणगान, करो मेरा कल्याण
करुँ तेरा गुणगान, करो मेरा कल्याण
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी

हर लो माँ सब दुःख मेरे
आ के पड़ा हूँ द्वार तेरे
तेरा ही अब मुझको सहारा
हरो मेरा व्यवधान,हरो मेरा व्यवधान।
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी

जीवन से मैं ऊब गया हूँ
भव सागर में डूब गया हूँ
नीचे ही गिरता जाता हूँ
करो मेरा उत्थान, करो मेरा उत्थान।
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी

कुछ भी मुझको भाये ना
कुछ भी समझ में आये ना
अज्ञानी हूँ मैं इस जग में
हरो मेरा अज्ञान ,हरो मेरा अज्ञान।
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी

हर किसी ने मुझको लूटा है
लगता हर रिश्ता झूठा है
झूठ नहीं मैं सच कहता हूँ
रिश्ता तेरा महान,रिश्ता तेरा महान।
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी,
जय माँ भवानी, जय माँ भवानी



मँहगाई !




मँहगाई !

अब तो मार ही डालेगी मँहगाई
जीते जी ही खालेगी मँहगाई
बेबस हुआ है शासन सारा
लुटेरों ने लूट है मचाई।
अब तो मार ही डालेगी मँहगाई।

भला कोई खरीदे क्या खाये
कुछ भी समझ में न आये
हर मुख से निकल रही आई।
अब तो मार ही डालेगी मँहगाई।

कहीं मिलती नहीं असली चीजें
हर तरफ मिलती नकली चीजें
हर नीयत में खोट है समाई।
अब तो मार ही डालेगी मँहगाई।

दया करुणा कर गयी किनारा
छोड़ कर इंसानियत बेसहारा
मच रही हर तरफ हाय- हाय।
अब तो मार ही डालेगी मँहगाई।

कुछ लोग अपने घर में होते हुए भी बेघर होते हैं




कुछ लोग अपने घर में होते हुए भी बेघर होते हैं।

ये तो वो ही जाने वो कहाँ बैठते कहाँ पर सोते हैं।।


प्यार से वो देखते भी तो भला कैसे अपने पति को।

पति से ज्यादा तो प्यारे उनको उनके जेवर होते हैं।।


मजाल क्या कोई उनके हुश्न की तारीफ भी कर दे।

उन्हें देखो तो बड़ा ही कमाल के उनके तेवर होते हैं।।


देखने वाले तो देख ही लेते हैं किसी न किसी तरह।

दीदारे हुश्न को आशिक सचमुच ही बड़े बेडर होते हैं।।