सोमवार, 4 जुलाई 2011

तेरी मुहब्बत ने मुझको जिन्दगी दी है



तेरी मुहब्बत ने मुझको जिन्दगी दी है।
यह जिन्दगी मेरी बड़ी खूबसूरत की है।

होश संभाले हुए बढ़ रहा था धीरे धीरे

जिन्दगी क्या है तड रहा था धीरे धीरे
बड़ा ही मस्त मुझको तू ने बेखुदी दी है।

मुझे मालूम न था ये जिन्दगी क्या है
तुझसे मिलके मुझे आज पता चला है
जो अब तक न मिली तू ने वो ख़ुशी दी है।

मेरे हर सवाल का जवाब तुझसे मिला
अब क्या कहूँ तुझे पाके दिल ये खिला
धूप जैसी जिन्दगी में तू ने चाँदनी दी
है।

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