गुरुवार, 9 जून 2011

ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी


ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी
ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी
चलके दिखाये चलना सिखाये
जीवन में आगे बढ़ना सिखाये
ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी
ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी

अपने लिए कभी, जीती नहीं है
ऐसी कोई इसकी, नीती नहीं है
पर सेवा में सारा, जीवन बिताये। 

ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी
ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी

गाँव हो या फिर, शहर हो भले
चाहे कोई भी फिर, पहर हो भले
हर साथी को ये, मंजिल पहुँचाये।
ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी
ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी


अपनी धुन में सदा, मस्त रहती
मस्ती में ही
रहो, हर वक्त कहती
मस्ती में ये मस्त, सीटी बजाये
ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी
ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी


भेद किसी से कभी, करती नहीं
प्रीती करती नफरत, करती नहीं
जो भी बैठे उसको, दिल में बिठाये

ये रेलगाड़ी, ये रेलगाड़ी
ये रेलगाड़ी, ये
रेलगाड़ी




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