रविवार, 13 मार्च 2011

उसने तो मेरी सोच एक दम बदल कर रख दी



उसने तो मेरी सोच एक दम बदल कर रख दी
नई के वास्ते पुरानी उसने कतल कर रख दी
वो
मुझसे मिले हैं ऐसे सदियों से मिले हों जैसे
मेरी
जिन्दगी पर जिन्दगी संभल कर रख दी।

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर ।
    आजकल कम ही नज़र आते हैं आप ।

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  2. वो मुझसे मिले हैं ऐसे सदियों से मिले हों जैसे
    मेरी जिन्दगी पर जिन्दगी संभल कर रख दी।

    बहुत खूब ... प्रेम जी ... खूब लिखा है ...

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