गुरुवार, 24 मार्च 2011

जब से आप मुझमें समाने लग गये



जब से आप मुझमें समाने लग गये।
तब से
रात-दिन मुसकाने लग गये।

भा गये एक दूजे को हम दिलों जां से
दिलों में हंसीं सपने सजाने लग गये।

यह हम जानते हैं और तुम जानते हो
पास आने में कितने ज़माने लग गये।

एक-दूजे को शुक्रिया कहना ही होगा
सही बिल्कुल अपने निशाने लग गये।

अपने चर्चे तो
आम हो गये हैं जहाँ में
एक दूजे को सब लोग बताने लग गये।

सोमवार, 21 मार्च 2011

जब भी बोलो किसी से बोलो बोलो प्यार की बोली



जब भी बोलो किसी से बोलो बोलो प्यार की बोली।
प्यार की बोली है प्यारी बोली समझो ये हमजोली॥
मिल जुल कर के जीना
ही सचमुच जीवन होता है।
जब तक रंग से रंग मिले न बताओ कैसी वो होली॥
नफरत से नफरत फैलती और मुहब्बत से मुहब्बत।
टेड़ों को ये टेड़ी है दुनियां और भोलों को है ये भोली॥
सामजस्य जहाँ
होता है प्यारे होता है स्वर्ग वहीं पर
ख़ुशी से जी के
खुशियों से सब भरते सब की झोली॥


जिनकी बातों में रस होता है उसके दीवाने सब होते।
ऐसा वो ही कर पाते जिसने
बोली तोली फिर बोली॥

रविवार, 13 मार्च 2011

उसने तो मेरी सोच एक दम बदल कर रख दी



उसने तो मेरी सोच एक दम बदल कर रख दी
नई के वास्ते पुरानी उसने कतल कर रख दी
वो
मुझसे मिले हैं ऐसे सदियों से मिले हों जैसे
मेरी
जिन्दगी पर जिन्दगी संभल कर रख दी।