मंगलवार, 30 नवंबर 2010

देखो मैं बेवफा नहीं हूँ यकीन कर लो ना



देखो मैं बेवफा नहीं हूँ यकीन कर लो ना।
मुहब्बत से जिन्दगी को हँसीन कर लो ना।।

कब तक यूँ ही धोखे खाते रहोगे यार तुम
थोड़ा तो अपने आपको जहीन कर लो ना।।

ये जिन्दगी क्या है गर समझना चाहो तो
अपनी सोच समझ को महीन कर लो ना।।

बनजारों की तरह जीना भी कोई जीना है
अपने नाम कहीं थोड़ी जमीन कर लो ना।।

शनिवार, 6 नवंबर 2010

मेरी तरह मिलने की कभी फरियाद कर


मेरी तरह मिलने की कभी फरियाद कर
जैसे मैं करता वैसे तू भी कभी याद कर

बताओ कब तक सहनी पड़ेगी ये जुदाई
मुलाकात कर इस से कभी आज़ाद कर

मुझे उलझाकर क्यों खुद भी उलझ गये
छोड़ के शिकवे कर कभी आबाद कर

पिछले शुभ कर्मों का फल है जिन्दगी ये
इसको शाद रख प्रिये कभी नाशाद कर