शनिवार, 26 जून 2010

उसका हर दिल पर जादू चला जरूर होगा


उसका हर दिल पर जादू चला जरूर होगा
पाने को हर कोई दिल में जला जरूर होगा।

भला सोचके जो सबका भला सोचता फिरता
निश्चय
ही उसका एक दिन भला जरूर होगा।

खुश वो ही होगा किसी को नज़रों में गिराके
जो खुद गिर कर कहीं हाथ मला जरूर होगा

जिन्दगी का मजा अकेले आ ही नहीं सकता
थोड़ा तो किसी के संग
कहीं ढला जरूर होगा

बिना खुद जले ही भला कौन किसे जला पाया
जलने से पूर्व वो थोड़ा
बहुत जला जरूर होगा।

शुक्रवार, 18 जून 2010

जब से तुम मेरी जिन्दगी में आये


लड़का:
जब से तुम मेरी जिन्दगी में आये
मन मुस्कराए मेरा तन मुस्कराए
जब से तुम मेरी...

लड़की:
तारीफ मेरी क्यों करते हो इतनी
इतनी नहीं तुम कहते हो जितनी
तारीफ मेरी क्यों...

लड़का:
जाने क्या जादू तुझमें है जाना
देखते देखते हुआ तेरा दीवाना
जितना देखूँ तुझे तू उतना लुभाए
जब से तुम मेरी...

लड़की:
आता है तुमको खूब बातें बनना
बस भी करो क्या कहेगा जमाना
दिल में तुम्हारे मुहब्बत है कितनी
तारीफ मेरी क्यों...

लड़का:
कहो सदा के लिए अपना बनालूँ
तुम मानो तुम्हारे घर को मनालूँ
तुम्हारे बिना जीना जीना नहीं हाये
जब से तुम मेरी...

लड़का: लड़की:
भरोसे में लेके भरोसा तोडना
देखो कभी मुझसे मुँह मोड़ना
बनकर रहेंगे हम एक दूजे के साये
जब से तुम मेरी...

ले लो मुझको शरण में मेरी माँ, माँ मेरी प्यारी माँ


मेरी माँ ... प्यारी माँ ...
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ

पीछे पड़ा मेरे, सारा जमाना
पागल होकर, होकर दीवाना
मुझको बचालो मुझको छुपालो इस जग से मेरी माँ
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ

छोड़ दूँगा अब ये पाप की दुनियां
आऊँगा अब माँ आप की दुनियां
तेरा द्वारा है मेरा गुजारा
सचमुच आज से मेरी माँ
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ

मेहनत करूँगा मजदूरी करूँगा
कुछ गलत माँ अब करूँगा
सीधी राहें होंगी अब मेरी राहें खाऊँ कसम मेरी माँ
ले लो मुझको शरण में मेरी माँ , माँ मेरी प्यारी माँ

शनिवार, 12 जून 2010

हाय! मैं क्या करुँ मेरा ऐसा नसीब है


हाय! मैं
क्या करुँ मेरा ऐसा नसीब है
चाहा जिसे दूर वो अनचाहा करीब है

उसकी झलक को मैं तरस गया हूँ
आँखों से अपनी मैं बरस गया हूँ
हाल मेरे दिल का यारो बड़ा अजीब है।
हाय! मैं क्या करुँ मेरा ऐसा नसीब है

जीने को मन मेरा करता नहीं है
उसके बगैर काम चलता नहीं है
मुझ जैसा न होगा कोई बदनसीब है
हाय! मैं क्या करुँ मेरा ऐसा नसीब है

उसको मैंने चाहा दिल से चाहा
दिल में बिठा के दिल से सराहा
फिर भी बन गया रे वो मेरा रकीब है
हाय! मैं क्या करुँ मेरा ऐसा नसीब है

दिल को सकूं कभी मिला ही नहीं
दिल का फूल कभी खिला ही नहीं
प्यार की खुश्बू
कभी हुई नसीब है
हाय! मैं क्या करुँ मेरा ऐसा नसीब है

शनिवार, 5 जून 2010

जीना मुश्किल होके तुमसे जुदा


जीना
मुश्किल होके तुमसे जुदा
पास जा या पास अपने बुला

याद करो वो गुजरे हुए अपने पल
तुमने भुलाये पर मैं कैसे दूँ भुला

कुछ पूँछो क्या हाल हुआ मेरा
तड़प-तड़पके मेरा तन मन घुला

थक गयी है आँखें देखके राहें तेरी
भरोसे से मुझको झूला झुला

कभी तो सोचो अकेले बैठके यार
जिंदगियों को उजाड़ने क्यों तुला

बहुत तड़पा लिया मान भी जाओ
बात बात पर अपना मुँह फुला

पता नहीं कब छोड़नी पड़े दुनिया
जीवन है एक पानी का बुलबुला

दूरियां जो भी बनी अपने दरमियाँ
देखो दोष दोनों का रहा मिलाजुला

गुरुवार, 3 जून 2010

बेसहारा हूँ प्रिये मुझे अपना सहारा दे दो


बेसहारा
हूँ प्रिये मुझे अपना सहारा दे दो
नज़र मिलाकर मुझे अपना नज़ारा दे दो

ये जिन्दगी इतराने लगे अपने आप पर
चाहत का हँसीं मुझे अपना इशारा दे दो

बगैर तेरे ये जिन्दगी जीना बड़ा मुश्किल
मुहब्बत से भरा मुझे अपना फुहारा दे दो

तड़पके जी तो जाऊँगा ये जिन्दगी मगर
साथ रहके मेरे
मुझे नेक सा गुजारा दे दो

जिन्दगी ये मेरी बस मस्त मस्त हो जाये
दिल को दे सकून
मुझे अपना शरारा दे दो