सोमवार, 26 अप्रैल 2010

ख़ुशी से जीने का कभी मन किया करो


ख़ुशी
से जीने का कभी मन किया करो
ख़ुशी मन में हो तो भजन किया करो
नज़र कमजोर हो गयी हो तो क्या हुआ
सोने से पूर्व आँखों में अंजन किया करो
सही गलत का फैसला गर हो सके तो
शांति से बैठके मन में मंथन किया करो
कभी इससे कभी उससे काम चलेगा
एक का होके
समर्पण जीवन किया करो
मनोदशा तब ही शुध्द सरल रह सकती है
अच्छे
साहित्य का रोज सेवन किया करो

6 टिप्‍पणियां:

  1. वाह! प्रेम जी, हर एक शब्द लाज़वाब है... आभार!!


    "रामकृष्ण"

    उत्तर देंहटाएं
  2. बेहतर ही किया करो बेहतर होगा....सही कहा आपने

    उत्तर देंहटाएं
  3. नज़र कमजोर हो गयी हो तो क्या हुआ
    सोने से पूर्व आँखों में अंजन किया करो।
    सोना ही नसीब नहीं
    सुन्दर रचना

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर लिखा है आपने ... ये शेर अच्छा लगा ...

    कभी इससे कभी उससे काम न चलेगा
    एक का होके समर्पण जीवन किया करो।

    उत्तर देंहटाएं