शुक्रवार, 9 अप्रैल 2010

पत्नी के रूप में खुदा तूने तोहफा दिया हसीं है


पत्नी
के रूप में खुदा तूने तोहफा दिया हसीं है
महसूस हो रही है अब मुझको कोई कमी है

जितना भी सराहूँ कम है उसका प्यार दोस्तो
उसकी बदौलत प्यारा लगे आसमां ये जमीं है

सुख दुःख में साथ रहके रखे मुझको सहेजकर
उस जैसा तो इस दुनिया में कोई दूसरा नहीं है

तारीफ में उसकी बताओ क्या कहें क्या कहें
उसके बगैर दुनिया में तो गुजारा नहीं कहीं है

सच्चा साथी नहीं है वो जो हाँ में हाँ ही मिलाये
कभी हाँ कहे तो कभी ना सच्चा साथी वही है


1 टिप्पणी:

  1. सुख दुःख में साथ रहके रखे मुझको सहेजकर
    उस जैसा तो इस दुनिया में कोई दूसरा नहीं है।
    बहुत सुंदर रचना

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