मंगलवार, 14 दिसंबर 2010

कुछ लोग अपने घर में होते हुए भी बेघर होते हैं


कुछ लोग अपने घर में होते हुए भी बेघर होते हैं।
ये तो वो ही जाने वो कहाँ बैठते कहाँ पर सोते हैं।।

प्यार से वो देखते भी तो भला कैसे अपने पति को।
पति से ज्यादा तो प्यारे उनको उनके जेवर होते हैं।।

मजाल क्या कोई उनके हुश्न की तारीफ भी कर दे।
उन्हें देखो तो बड़ा ही कमाल के उनके तेवर होते हैं।।

देखने वाले तो देख ही लेते हैं किसी किसी तरह।
दीदारे हुश्न को आशिक सचमुच ही बड़े बेडर होते हैं।।

मंगलवार, 30 नवंबर 2010

देखो मैं बेवफा नहीं हूँ यकीन कर लो ना



देखो मैं बेवफा नहीं हूँ यकीन कर लो ना।
मुहब्बत से जिन्दगी को हँसीन कर लो ना।।

कब तक यूँ ही धोखे खाते रहोगे यार तुम
थोड़ा तो अपने आपको जहीन कर लो ना।।

ये जिन्दगी क्या है गर समझना चाहो तो
अपनी सोच समझ को महीन कर लो ना।।

बनजारों की तरह जीना भी कोई जीना है
अपने नाम कहीं थोड़ी जमीन कर लो ना।।

शनिवार, 6 नवंबर 2010

मेरी तरह मिलने की कभी फरियाद कर


मेरी तरह मिलने की कभी फरियाद कर
जैसे मैं करता वैसे तू भी कभी याद कर

बताओ कब तक सहनी पड़ेगी ये जुदाई
मुलाकात कर इस से कभी आज़ाद कर

मुझे उलझाकर क्यों खुद भी उलझ गये
छोड़ के शिकवे कर कभी आबाद कर

पिछले शुभ कर्मों का फल है जिन्दगी ये
इसको शाद रख प्रिये कभी नाशाद कर

शनिवार, 16 अक्तूबर 2010

जय अम्बे जगदम्बे, कर दो हम सब का उद्धार


जय अम्बे जगदम्बे, कर दो हम सब का उद्धार।
हम सब आये तेरे द्वार, हम सब आये तेरे द्वार।
जय अम्बे जगदम्बे, कर दो हम सब का उद्धार।

अपनी भक्ति के रस में हम को रसमय कर दो
जीवन सारा सफल हो जाये ऐसा कोई वर दो
हम याद रखेंगे उपकार, हम याद रखेंगे उपकार
जय अम्बे जगदम्बे, कर दो हम सब का उद्धार।

देख लिया जीवन जी के तुझको बिन याद किये
पल भर भी सुख पाया नहीं है वाद-विवाद किये
खुद में उलझे रहे बेकार, खुद में उलझे रहे बेकार
जय अम्बे जगदम्बे, कर दो हम सब का उद्धार।

इस जीवन का मतलब क्या हम जान नहीं पाए
अपने हित में ही डूबे रहे हम परहित कर पाए
पाया जीवन आधार, पाया जीवन आधार।
जय अम्बे जगदम्बे, कर दो हम सब का उद्धार।

बड़ी-बड़ी आशाएँ लेकर हम तेरी शरण में आये
तेरी शरण में रहने वालों के देखे चेहरे मुसकाये
मैया अनुपम तेरा प्यार,मैया अनुपम तेरा प्यार।
जय अम्बे जगदम्बे, कर दो हम सब का उद्धार।

रविवार, 10 अक्तूबर 2010

भरोसा कर देख लिया हरकोई झूठा है

भरोसा कर देख लिया हरकोई झूठा है।
भरोसे में ले के मुझको हरकोई लूटा है।

लोग कहते हैं कुछ तो वो करते हैं कुछ
जाने क्यों हर किसी से हरकोई रूठा है।

देने की जगह सब लेने पर ही तुले हुए
इसी कारण रिश्ता आज हरकोई टूटा है।

अच्छाई की जगह पर बुराई कायम हुई
तभी तो अपनों से आज हरकोई छूटा है।

मंगलवार, 5 अक्तूबर 2010

तेरी मेरी जोड़ी बड़ा खूब ही जमेगी


रेकॉर्डेड

तेरी मेरी जोड़ी बड़ा खूब ही जमेगी
मैं भी खुश रहूँगा खुश तू भी रहेगी

जलती है दुनिया तो जलने दे ना
मलती है ये हाथ तो मलने दे ना
प्रीति परवान यह अपनी चढ़ेगी
मैं भी खुश रहूँगा खुश तू भी रहेंगी

दुनिया से दूर हम दुनिया बसायेंगे
तन मन की मीठी ज्योति जलाएंगे
मैं वो ही करूँगा तू जो भी कहेगी
मैं भी खुश रहूँगा खुश तू भी रहेगी

मरते-मरते प्रेमियों ने ये कहा है
प्रीति बिना जीना जीना क्या है
प्रीति ये मिशाल अपनी बनेगी।
मैं भी खुश रहूँगा खुश तू भी रहेगी

गुजरेंगे हम तुम जब भी जहाँ से
चर्चा होगी अपनी सबकी जुबाँ पे
दाँतों तले ऊँगली उनकी दबेगी ।
मैं भी खुश रहूँगा खुश तू भी रहेगी

एक दूसरे के हम हो के रहेंगे
एक दूसरे में हम खो के रहेंगे
रोशन एक दूसरे से जिन्दगी रहेगी।
मैं भी खुश रहूँगा खुश तू भी रहेगी

शुक्रवार, 1 अक्तूबर 2010

मेरी मुहब्बत ने मुझपे क़यामत ही ढाई है


मेरी मुहब्बत ने मुझपे क़यामत ही ढाई है
जहाँ भी सुनता मेरी रुसबाई ही रुसबाई है

वो थे तो बहारों और नजारों का मौसम था
अब पास नहीं कोई बस मेरी ही तन्हाई है

पहले तो खुश किया फिर रुला दिया है तूने
क्या कहूँ खुदा ये तो
बस तेरी ही खुदाई है

पा भी सको मुहब्बत छोड़ भी सको
ये मुहब्बत भी तू ने क्या खूब ही बनाई है

सोमवार, 13 सितंबर 2010

बहुत कुछ दिया है, तुमने प्रभु



बहुत कुछ दिया है, तुमने प्रभु
कैसे करुँ मैं, शुक्रिया तुम्हारा।
जो कुछ भी
प्रभु, पास में मेरे
मेरा नहीं वो, सब है तुम्हारा।
कैसे करुँ मैं, शुक्रिया तुम्हारा।

भव-सागर में, था मैं उलझा
तेरी शरण में, आकर सुलझा
तेरी कृपा से, पाया किनारा।
कैसे करुँ मैं, शुक्रिया तुम्हारा।

तुझसे ही प्रभु,
हैं शाम-सवेरे
जानूँ नहीं कितने, रूप हैं तेरे
देखूँ जिधर उधर, तेरा नज़ारा।
कैसे करुँ मैं, शुक्रिया तुम्हारा।
अपना तुझको, जिसने बनाया
उसका जीवन, तुमने खिलाया
हो गये
उसके , जिसने पुकारा।
कैसे करुँ मैं, शुक्रिया तुम्हारा।

भक्ति में
अपनी,
रमाये रखना
कृपा की द्रष्टि, बनाये रखना
तेरा ही बस, मुझको सहारा।
कैसे करुँ मैं, शुक्रिया तुम्हारा।

गुरुवार, 9 सितंबर 2010

मस्त हवाओ मुझको बताओ



मस्त हवाओ, मुझको बताओ,महबूब मेरा, किस हाल में है

छूकर उसके , बदन को आओ,
महबूब मेरा, किस हाल में है। 

महबूब मेरा, किस हाल में है।

ऐ चाँद सुन, तुझे मेरी कसम,देखता होगा, तू मेरा हमदम
खुद में ही उसे, मुझको दिखाओ,
मस्त हवाओ, मुझको बताओ

महबूब मेरा, किस हाल में है।

शायरों से मेरी, गुजारिश यही,कैसे सोचता वो, जहाँ भी कहीं
उससे वाकिफ, मुझको कराओ,
मस्त हवाओ, मुझको बताओ

महबूब मेरा, किस हाल में है।

तेरी खुदाई खुदा, तू ही जाने,आखिर करें क्या, हम दीवाने
जल्दी से अब, मुझको मिलाओ,
मस्त हवाओ, मुझको बताओ
महबूब मेरा, किस हाल में है।

शनिवार, 4 सितंबर 2010

तुम्हें हमारा प्यार अगर दिल से मंजूर होता



तुम्हें हमारा प्यार अगर दिल से मंजूर होता।
तो बड़ा ही निराला अपना जीवन हुजूर होता।

दूरियों में न हम तुम
इस तरह सुलग रहे होते 
मिल जाते तो अपने दिलों का गम दूर होता।

ये फूल भी शरमा जाते अपनी ख़ुशी देख कर
इस तरह अपने चेहरों पे चमकता नूर होता।

वक्त ने हमें डुबाया न होता खुद के गरूर में
 

तो आज अफ़सोस न होता न दिल चूर होता।

मंगलवार, 31 अगस्त 2010

दास्तान- ए-दिल सुनाते तो किसे सुनाते



दास्तान- ए-दिल सुनाते तो किसे सुनाते।
कोई अपना न था बुलाते तो किसे बुलाते।

ग़मों के सिवाय जिन्दगी में कुछ भी नहीं
ग़मों से भला हम दुखाते तो किसे दुखाते।

धरे के धरे रह गये अरमान सब प्यार भरे
प्यार अगर अपना लुटाते तो किसे लुटाते।

मस्त बहारें हमें मस्त कर के चली गयीं
साथ साथ अपने घुमाते तो किसे घुमाते।

बुधवार, 18 अगस्त 2010

साथी तेरा साथ मुझे प्यारा है


लड़का-
साथी तेरा साथ प्यारा है,प्यारा है बड़ा प्यारा है
मेरे जीने का सहारा है,
सहारा है बड़ा प्यारा है
तेरे ही साथ जिऊँगा मैं,तेरे ही साथ मरूँगा मैं
साथी तेरा साथ मुझे प्यारा है,प्यारा है बड़ा प्यारा है
मेरे जीने का सहारा है,
सहारा है बड़ा प्यारा है


लड़की -
साथी तेरा साथ  प्यारा है,प्यारा है बड़ा प्यारा है
मेरे जीने का सहारा है,
सहारा है बड़ा प्यारा है
तेरे ही साथ जिऊँगी मैं,तेरे ही साथ मरूँगी मैं
साथी तेरा साथ मुझे प्यारा है

लड़का-

पल भर की दूरी तेरी,करती मुझको बेचैन
न दिन ढंग से कटता है,न कटती ढंग से रैन
तेरी जिन्दगी,मेरी हर ख़ुशी
तुझमें ही खोया रहूँ,तुझको ही सोचा करुँ
साथी तेरा साथ मुझे प्यारा है,प्यारा है बड़ा प्यारा है
मेरे जीने का सहारा है,
सहारा है बड़ा प्यारा है


लड़की -
जब से दिल तुझसे लगा ,मुझे कुछ कुछ होता है
तेरी कसम तेरे वगैर,दिल पल पल रोता है
कर ले यकीं,मेरे हमनसीं
हाल मेरा तेरे जैसा है,कैसे कहूँ तुझे कैसा है
साथी तेरा साथ मुझे प्यारा है,प्यारा है बड़ा प्यारा है
मेरे जीने का सहारा है,
सहारा है बड़ा प्यारा है

लड़का-
एक दूजे से दूर हम,अब रह नहीं सकते हैं

लड़की -
दिल पर क्या गुजरे,वो कह नहीं सकते हैं

दोनों -
आओ पास तुम,रहें साथ हम
अब न होंगे हम जुदा,साथ रहेंगे हम सदा
साथी तेरा साथ मुझे प्यारा है,प्यारा है बड़ा प्यारा है
मेरे जीने का सहारा है,
सहारा है बड़ा प्यारा है

साथी तेरा साथ मुझे प्यारा है




रविवार, 15 अगस्त 2010

गर तुम मुझको मिल गये होते



गर तुम मुझको मिल गये होते।
तो फूल दिल में खिल गये होते।

कई जख्म हो गये चाहत में तेरी
करते इनायत तो सिल गये होते।
कमाल की होती मुहब्बत अपनी
देखते लोग तो वो हिल गये होते।

इंतजार में तेरे मुद्दतें सी हो गयी
नाजुक कई दिल छिल गये होते।


शुक्रवार, 6 अगस्त 2010

तू जाता जहाँ जा दीवाने,


तू
जाता जहाँ जा दीवाने,
देख
के मुझको मत गा तू गाने।
सिर्फ दो ही मिनट बस लगेंगे,
होश
कर दूँगी तेरे ठिकाने

अबला समझ तू मुझे,
तेरा
तबला बजा दूँगी मैं
याद रखेगा सारी उमर,
ऐसी तुझको
सजा दूँगी मैं
भूल के भी किसी को कभी,
छेड़ेगा
जाने अनजाने
सिर्फ दो ही मिनट बस लगेंगे,
होश
करके दूँगी तेरे ठिकाने

हरकतों से तेरी लग रहा ये,
अच्छे
घर का तू लगता नहीं
गर होता तो कभी इस तरह,
यूँ छेड़कानी तू करता नहीं
जा भाग जा यहाँ से नहीं तो,
कोई
आयेगा तुझे बचाने
सिर्फ दो ही मिनट बस लगेंगे,
होश
करके दूँगी तेरे ठिकाने

जवानी नहीं तेरे बस में तो,
जा शादी किसी से भी कर ले
किसी एक का हो के हमेशा,
हम सफ़र उसको तू कर ले
अगर दुबारा इधर आया तो,
सीधा पहुँचा दूँगी
तुझको थाने
सिर्फ दो ही मिनट बस लगेंगे,
होश
करके दूँगी तेरे ठिकाने

मंगलवार, 3 अगस्त 2010

उनके आने से पहले खिल गयी फूलों से डालियाँ


उनके आने से पहले खिल गयी फूलों से डालियाँ
जैसे डालियों ने पहन रखी हों कानों में बालियाँ

आसमान पर चढ़ कर बोलने लगी उनकी शुहरत
जहाँ जाते वहाँ स्वागत में बजने लगतीं तालियाँ

बेपनाह मुहब्बत करते हैं उनसे सारे ये जहाँ वाले
देख के हुस्नवालों के चेहरों पे खिलती हैं लालियाँ

हर कोई दौड़ पड़ता है उनको अपना प्यार जताने
जिस तरह
घेरती हों किसी को ससुराल में सालियाँ

बदनामी में भी उनको अपना नाम होता हुआ दिखे
बुरा नहीं लगता बिल्कुल अगर देता कोई गालियाँ

हुस्न भी बेकाबू हो रहा आजकल बाहर झाँकने को
ऐसे-ऐसे कपड़े पहनता है जिनमें होती हैं जालियाँ

गुरुवार, 22 जुलाई 2010

तुमसे मेरी आँखें क्या चार हो गयीं


तुमसे
मेरी आँखें क्या चार हो गयीं
खुशियाँ जीवन में बेशुमार हो गयीं

मिलते मिलते आखिर मिल ही गये
जिन्दगीं दोनों की मजेदार हो गयीं

धरी रह गयीं चालें सारी ज़माने की
कोशिशें अपनी सफल यार हो गयीं

मुहब्बत से जियेंगे सदा खुश रहेंगे
तेरी बाहें मेरे गले की हार हो गयीं


मंगलवार, 13 जुलाई 2010

आओ एक दूजे को हम, दोनों मिलके संभालें


आओ एक दूजे को हम, दोनों मिलके संभालें
आओ कसम ये खालें, आओ कसम ये खालें।
प्यार
मुहब्बत से मिलके, प्रीत के गीत गालें
आओ कसम ये खालें, आओ कसम ये खालें।

चाहे कोई कुछ भी कहे, करेंगे अपने मन की
मेरी तुझसे तेरी मुझसे, खुशियाँ हैं जीवन की
रहें प्यार से हँसी ख़ुशी से झगडे की बातें टालें।
आओ कसम ये खालें, आओ कसम ये खालें।

कहने को कहते रहते
, कुछ न कुछ जगवाले
उनके मुँह पर कभी, कोई डाल सका न ताले
एक-दूजे की सुने एक-दूजे को ध्यान में डालें।
आओ कसम ये खालें, आओ कसम ये खालें।

हम दो तन और दो जीव हैं देखो जुदा जुदा से
मिलके गुजर जाएँ जीवन अर्ज है यह खुदा से
एक-दूजे की खातिर एक-दूजे के रंग में ढालें।
आओ कसम ये खालें, आओ कसम ये खालें

आपस के मतभेदों को हम न कहेंगे किसी से
देखो जग वाले फिर हम को रखेंगे न कहीं के
भूल से भी मतभेद कोई हम आपस में न पालें।
आओ कसम ये खालें, आओ कसम ये खालें।

शनिवार, 10 जुलाई 2010

हित को दिखाके भी लोग अहित कर देते हैं


हित को दिखाके भी लोग अहित कर देते हैं।

अनादर कभी कभी आदर सहित कर देते हैं।

दुश्मनों के रूप कौन जान पाया आज तलक
जिस रूप में भी वो आते व्यथित कर देते हैं।

चरित्रवान कोई लाख बनना चाहे दुनिया में
ऐसे भी लोग जो बहकाके पतित कर देते हैं।

कितना भी सोच समझ कर फैसला कर लो

फ़िर भी
राय लो तो लोग भ्रमित कर देते हैं।

दिल लागने वाले दिल जीत ही लिया करते
ऐसे मोहित करते वो कि चकित कर देते हैं।

मतलब निकाला चल दिये पराया बना कर
जीवन देकर भी जीवन से रहित कर देते हैं।

गुरुवार, 8 जुलाई 2010

गुजरा वक्त कभी वापस न आए


गुजरा वक्त कभी वापस न आए।

चाहे कोई चीखे और चिल्लाए।

गुजरा वक्त .....

झडे फूल कभी खिलते नहीं हैं
गए लोग कभी मिलते नहीं हैं
चाहे कोई सारी उमर बुलाए।
गुजरा वक्त .....

मना लो उनको जो रूठे हैं
मिला लो उनको जो छूटे हैं

ऐसा न हो फ़िर मन पछताए ।

गुजरा वक्त .....

वक्त कभी भी रुका नहीं है
किसी के आगे झुका नहीं है

वक्त का पहिया आगे बढ़ता जाए।

गुजरा वक्त .....


शनिवार, 3 जुलाई 2010

छोटी छोटी बातों पर ध्यान देना चाहिए


छोटी छोटी बातों पर ध्यान देना चाहिए।

छोटों को प्यार बड़ों को मान देना चाहिए।

संत के प्रवचन जहाँ कहीं पर भी हो रहे हों
समय निकालके उनको कान देना चाहिए।

सुनने और देखने को बहुत कुछ मिलता है
जरूरी ग्रहण करें बाकी छान देना चाहिए।

परोपकारियों का आगे आके समर्थन करें
उनकी मदद को चादर तान देना चाहिए।

मन शुध्द और शांत रहेगा मित्रो आपका
श्रध्दा के अनुसार जरूर दान देना चाहिए।

कुछ भी तो नहीं बिगड़ता अपना दोस्तो
जिससे मिलें उसको मुस्कान देना चाहिए।


शनिवार, 26 जून 2010

उसका हर दिल पर जादू चला जरूर होगा


उसका हर दिल पर जादू चला जरूर होगा
पाने को हर कोई दिल में जला जरूर होगा।

भला सोचके जो सबका भला सोचता फिरता
निश्चय
ही उसका एक दिन भला जरूर होगा।

खुश वो ही होगा किसी को नज़रों में गिराके
जो खुद गिर कर कहीं हाथ मला जरूर होगा

जिन्दगी का मजा अकेले आ ही नहीं सकता
थोड़ा तो किसी के संग
कहीं ढला जरूर होगा

बिना खुद जले ही भला कौन किसे जला पाया
जलने से पूर्व वो थोड़ा
बहुत जला जरूर होगा।

शुक्रवार, 18 जून 2010

जब से तुम मेरी जिन्दगी में आये


लड़का:
जब से तुम मेरी जिन्दगी में आये
मन मुस्कराए मेरा तन मुस्कराए
जब से तुम मेरी...

लड़की:
तारीफ मेरी क्यों करते हो इतनी
इतनी नहीं तुम कहते हो जितनी
तारीफ मेरी क्यों...

लड़का:
जाने क्या जादू तुझमें है जाना
देखते देखते हुआ तेरा दीवाना
जितना देखूँ तुझे तू उतना लुभाए
जब से तुम मेरी...

लड़की:
आता है तुमको खूब बातें बनना
बस भी करो क्या कहेगा जमाना
दिल में तुम्हारे मुहब्बत है कितनी
तारीफ मेरी क्यों...

लड़का:
कहो सदा के लिए अपना बनालूँ
तुम मानो तुम्हारे घर को मनालूँ
तुम्हारे बिना जीना जीना नहीं हाये
जब से तुम मेरी...

लड़का: लड़की:
भरोसे में लेके भरोसा तोडना
देखो कभी मुझसे मुँह मोड़ना
बनकर रहेंगे हम एक दूजे के साये
जब से तुम मेरी...