सोमवार, 13 जुलाई 2009

हम चढ़ गए एक दूजे की निगाहों में


हम चढ़ गए एक दूजे की निगाहों में
बड़ा सकूं मिला एक दूजे की बाँहों में

अब हमें क्या लेना देना है दुनिया से
जब रहने को मिले उसकी पनाहों में

मुहब्बत का रंग लगता बड़ा ही प्यारा
मस्ती छायी हुई जिन्दगी की राहों में

जो मांगो वही मिले तो बात ही क्या है
यह तब होता जब असर हो दुआओं में

10 टिप्‍पणियां:

  1. अब हमें क्या लेना देना है दुनिया से
    जब रहने को मिले उसकी पनाहों में

    Vaah........ sundar baat kahi hai, unki panaah mil jaaye to aur kaheen rahne ka man bhi kahaan karta hai

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  2. अब हमें क्या लेना देना है दुनिया से
    जब रहने को मिले उसकी पनाहों में।
    =====
    इतना भी गाफिल न होईए उनकी बाहो मे
    हम जैसे कद्रदान खडे है आपकी राहो मे
    ===
    बहुत खूब लिखा है
    वाह

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  3. duaao ke sath sath nashib ka bhi hona bahut jaruri hai BHAI....bahut hi sundar

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  4. dil tak pahuchne ke liye pehli seedee nigahen hi hai.isiliye lage raho.
    jhallevichar.blogspot.com
    jhalli-kalam-se
    angrezi-vichar.blogspot

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  5. हम चढ़ गए एक दूजे की निगाहों में ।
    बड़ा सकूं मिला एक दूजे की बाँहों में।

    क्या बात है प्रेम भाई। बहुत खूब।

    नजर पे चढ़ के सुमन करे क्या
    नजर ये जीवन खुली नजर से

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com
    shyamalsuman@gmail.com

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  6. जब से वो चढ़ गये,
    अपनी निगाहों में।
    बयारे आ गयी शीतल,
    खिज़ाओं मे फिज़ाओं में।।

    सुन्दर गज़ल के लिए बधाई।

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  7. बस इतना कहूँगी कि आपकी लेखनी को सलाम! आपकी हर एक रचना एक से बढकर एक है!

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  8. प्रेम जी,

    जो मांगो वही मिले तो बात ही क्या है
    यह तब होता जब असर हो दुआओं में।

    यही दुआ है कि आपकी दुआओं में असर बना रहे।

    सादर,

    मुकेश कुमार तिवारी

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