बुधवार, 24 जून 2009

हम रुसवा हो गए

उनकी झलक भी नहीं मिली, हम रुसवा हो गए।

मुहब्बत की खूब उडी खिल्ली, हम रुसवा हो गए।

सोचा था जियेंगे मिल के मुहब्बत की फिजाओं में

ऐसी लगी मेरे मुँह में चिल्ली, हम रुसवा हो गए।

मेरा बड़ा अरमान था करूंगा देश सेवा नेता बनकर

हाय पहुँच भी न पाये दिल्ली, हम रुसवा हो गए।

हौसला लेकर मैं उतरा था मुहब्बत की क्रिकेट में

शुरुआत में ही उड गई गिल्ली, हम रुसवा हो गए।

अपनी ही धुन में थे हम मस्त बेखबर दुनिया से

जाने कहाँ से आ गई बिल्ली, हम रुसवा हो गए।

दिल की बेचैनी को आख़िर कहाँ कहने जायें हम

किसी तरह न मिली तसल्ली, हम रुसवा हो गए।

15 टिप्‍पणियां:

  1. मेरा बड़ा अरमान था करूँगा देश सेवा नेता बनकर

    हाय पहुँच भी नहीं पाये दिल्ली, हम रुसवा हो गए।
    bhut khub mitr aap ko padh kar maja agaya sachhayi ko jis tarah halke se aapne vyakt kiya hai natmastak hun yek farrukhabadi ko yek farrukhabadi ka prnaam
    praveen pathik
    9971969084

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  2. क्या काफिये मिलाएं हैं आपने...वाह...नया प्रयोग पसंद आया...
    नीरज

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  3. isaq hota hi hai rushwa hone liye ............bahut hi behatar...........badhaee

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  4. bahut khub,
    behtareen sanjoya hai aapne,
    puratah manoranjak lagi aapki yeh kavita..

    dhanywaad

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  5. दिल की बेचैनी को आख़िर कहाँ कहने जायें हम

    किसी तरह न मिली तसल्ली, हम रुसवा हो गए।


    सुन्‍दर अभिव्‍यक्ति,बधाई ।

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  6. दिल की बेचैनी को आख़िर कहाँ कहने जायें हम
    किसी तरह न मिली तसल्ली, हम रुसवा हो गए।
    सुन्‍दर अभिव्‍यक्ति

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  7. aisee rusvaai kismat se milti hai bhai
    is behtreen kavita k liye hardik badhaai !

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  8. ऐसी लगी मेरे मुंह में चिल्ली, हम रुसवा हो गए।

    कविता सुन्दर है परन्तु मुंह में चिल्ली का अर्थ समझ में नही आ रहा है।

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  9. sunder kriti.
    दिल की बेचैनी को आख़िर कहाँ कहने जायें हम

    किसी तरह न मिली तसल्ली, हम रुसवा हो गए।

    badhai.

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  10. मस्त, काफियों की छटा निराली है भाई!!

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  11. मयंक साहेब,
    चिल्ली एक इंग्लिश का शब्द है जिसका अर्थ मिर्ची है.

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  12. आप लिख ही नहीं रहें हैं, सशक्त लिख रहे हैं. आपकी हर पोस्ट नए जज्बे के साथ पाठकों का स्वागत कर रही है...यही क्रम बनायें रखें...बधाई !!
    ___________________________________
    "शब्द-शिखर" पर देखें- "सावन के बहाने कजरी के बोल"...और आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाएं !!

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  13. बहुत ख़ूब साहब बहौत ख़ूब!

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  14. वाह वाह क्या बात है! बहुत ही सुंदर रचना!

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