रविवार, 17 मई 2009

लड़कों का बाल बढ़ाना लड़कियों का बाल कटाना


लड़कों का बाल बढ़ाना लड़कियों का बाल कटाना।
यह सूचक है यारो इ़सका कि बदल रहा है ज़माना।
बदल रहा है जमाना जाने क्या से क्या न हो जाए
लडके के साथ कहीं लड़के की शादी ही न हो जाए।
कहे प्रेम कविराय होगी बड़े अफ़सोस की बात भाई
सुहागरात की रात करेंगे फ़िर जम के दोनों लडाई।

4 टिप्‍पणियां:

  1. क्या बात है
    जब लड़का लड़की समझ में न आई
    फिर होवे दोनों में होवे जमकर लडाई
    यारो अब जमाना अब बदल रहा है
    अब लड़का लड़की में फर्क नहीं दिख रहा है
    कि जमाने में कौन है लोग कौन है लुगाई

    उपरोक्त मेरी और से ,
    प्रेम जी अपने बहुत अच्छी सटीक बात रचना के माध्यम से ब्लॉग
    में उकेरी है . आनंद आ गया . बधाई .
    .

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  2. पश्चिमी संस्कृति के अंधे अनुकरण से ऐसा हो भी सकता है..बाकि लड़के लड़कियां पता नहीं कोनसी.. दुनिया बनाना चाहते है...

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  3. पीछे से तो लड़की लगते, लड़के बाल बढ़ाते हैं,
    इनको मान हसीना, अच्छे-अच्छे धोखा खाते हैं।

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