बुधवार, 4 मार्च 2009

जीने का हल निकाल लिया हम ने





जीने का हल निकाल लिया हम ने।
प्यार का रोग पाल लिया हम ने।



वो भी मायूस थे हम भी मायूस थे
दिल से दिल उछाल लिया हम ने।



जिन्दगी मुहब्बत से ही सलामत
तरीकों को खंगाल लिया हम ने।



दोनों ही बरबाद होने से बच गए
एक दूजे को सभ्हाल लिया हम ने।

3 टिप्‍पणियां:

  1. जीवन पाया जिसने,
    साथी के दामन में।
    दोनो ही बस गये,
    एक दूजे के मन में।।

    बरबादी के मंजर,
    सारे दूर हो गये।
    दुख के काँटे राहों से,
    काफूर हो गये।

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  2. जीने का हल निकाल लिया हम ने।

    प्यार का रोग पाल लिया हम ने।

    वो भी मायूस थे हम भी मायूस थे

    दिल से दिल उछाल लिया हम ने.... chliye ye masumiyat bhra rog mubarak ho aapko....!!

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  3. kya baat hai prem ji.........jeene ka bahut sundar hal nikala hai aapne........zindagi bhar ke dard ko paal liya aapne to.

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