मंगलवार, 31 मार्च 2009

जालिम दिल तोड़ गया


जालिम दिल तोड़ गया।
भटकने को छोड़ गया।


सदा के लिए ग़मों से
रिश्ता मेरा जोड़ गया।


ले के गया जीवन रस
तन मन निचोड़ गया।


दो राहे पर खड़ा करके
जीवन रुख मोड़ गया।


प्यार में धोखा दे के वो
मुझको झकझोड़ गया।




सोमवार, 30 मार्च 2009

उसने अपना चेहरा छुपा रखा है


उसने अपना चेहरा छुपा रखा है,
फूलों का हंसीं पहरा लगा रखा है।

बहुत ही अच्छे हैं उसके विचार 
सिर्फ विचारों से बहला रखा है

ख़ुद तो सो जाते चादर ओढ़के, 

किसी को रात भर जगा रखा है।

बखूबी समझते वो दुनियादारी,
सारी दुनिया को झुका रखा है।

उसका क्या होगा यह तो बताओ
जिसने अपना सब लुटा रखा है।
पाप लगेगा इतना समझ लेना,
एक दीवाने दिल को दुखा रखा है।



शनिवार, 28 मार्च 2009

मैंने उसको किया कभी मना ही नहीं


मैंने उसको किया कभी मना ही नहीं।
मगर उसने मुझे कभी छुआ ही नहीं।

उसका अंदाज जहाँ से निराला लगे
उस जैसा कोई मुझको लगा ही नहीं।

हर पल मेरे सामने बना रहता है वो
फ़िर भी मन मेरा कभी भरा ही नहीं।

मुझ में समाया हुआ है उसका नशा
उस के नशा जैसा कोई नशा ही नहीं।

वो मेरी हर समस्या सुलझाना चाहते है


वो मेरी हर समस्या सुलझाना चाहते है।
शायद इसी बहाने से फुसलाना चाहते हैं।

हर तरह से यकीन दिलाते नहीं थकते
वो सारे जमाने को झुठलाना चाहते हैं।

हाय जाने उन्हें क्या दिख गया मुझमें
मेरी लिए जमाने को ठुकराना चाहते हैं।

आशिक देखे बहुत पर ऐसे न देखे कहीं
तन मन धन से वो लुटजाना चाहते हैं।

कहते यह दुनिया मुझको रास नहीं आती
मुझको लेकर वो कहीं उड़जाना चाहते हैं।

दो पल नहीं जीवन भर का साथ चाहिए
इस तरह मुझसे वो जुडजाना चाहते हैं।

गुरुवार, 26 मार्च 2009

जिन्दगी की जंग से यारो जूझना होगा


जिन्दगी की जंग से यारो जूझना होगा।
मोंती चाहिए तो सागर में डूबना होगा।


बेताब होगा जरूर हर कोई सुनने को
कोयल सा सुरीला तुम्हें कूकना होगा।


एक दिन जरूर मिलेंगे मन के मीत
उनके लिए तुम्हें दर-दर घूमना होगा।


सफलता काँटों से भरी हुआ करती है
काँटों को तो तुम्हें प्यारे चूमना होगा।


मंगलवार, 24 मार्च 2009

लागा चुनरी में दाग के गीत के आधार पर गीत


प्यारा सजनी का प्यार भुलाऊं कैसे
भुलाऊं कैसे उसे घर लाऊं कैसे
प्यारा सजनी का प्यार ---


रूठी जब से मोरी सजनियाँ
प्यार से प्यारी मोरी सजनियाँ
जाके ससुराल में उसको मनाऊं कैसे
उसे घर लाऊं कैसे
प्यारा सजनी का प्यार ---


चली गई वो बिना बतलाये
तन तड़पे  मन मोरा घबराए
जाके ससुराल में उसको मनाऊं कैसे
उसे घर लाऊं कैसे
प्यारा सजनी का प्यार ---


कभी कभी मेरे मन में उठते उलटे सीधे सवाल
बिन सजनी के सचमुच ही ये जीवन है जंजाल
जाके ससुराल में उसको मनाऊं कैसे
उसे घर लाऊं कैसे
प्यारा सजनी का प्यार ---











बुधवार, 18 मार्च 2009

तीर कमान से चलाते नहीं सोचते सब घायल हो जायें



तीर कमान से चलाते नहीं सोचते सब घायल हो जायें।
हुनर अपना दिखाते नहीं सोचते सब कायल हो जायें।

इरादा हो तो कोई भी डायल हो सकता तुम्हारे प्यार से
ऐसा नही कि बिना डायल किए मन के डायल हो जायें।

पहले पहले शुरूआत करनी पड़ती अपनी तरफ़ से यारो
अगर तमन्ना है कि मेरे पैरों की सब पायल हो जायें।

मुस्कराने से भी आज परहेज करने लग गया हर कोई
अब आप ही बताओ ऐसे कैसे सब तुम्हारे लायल जायें।

मंगलवार, 17 मार्च 2009

अपनी क्षमता से जादा क्यो दौड़ने लगे हो


अपनी क्षमता से जादा क्यो दौड़ने लगे हो।
घबराके जीवन से नाता क्यो तोड़ने लगे हों।

अच्छे अच्छों का जीवन में वक्त बदलता है
दुखी होकर अपना माथा क्यो ठोकने लगे हो।

जरूरी नहीं कि हमेशा मन का ही होता जाए
फ़िर पागलो की तरह क्यो भौंकने लगे हो।

राज ए दिल को दिल में ही छुपाये रखिये
बहक कर राज ए दिल क्यो खोलने लगे हो।

जब तक निभे निभादों साथ अपनी तरफ़ से
नहीं निभे छोडो जहर क्यो घोलने लगे हो।

दुश्मन बोलना चाहे समझो दाल में काला है
सब भूल के उसके साथ क्यो डोलने लगे हो।

मन की जिन्दगी कहाँ मिलती सब को यहाँ
गैरों पे किस्मत का भांडा क्यो फोड़ने लगे हो।



रविवार, 15 मार्च 2009

आज कल तू मुझसे बोलता क्यो नहीं


आज कल तू मुझसे बोलता क्यों नहीं।
राजे दिलको मुझसे खोलता क्यों नहीं।

मेरे बारे में आख़िर तू सोचता क्यों नहीं।
पास आके जीवन रस घोलता क्यों नहीं।

परेशां क्यों हो उलझ कर अपने आप में
दिन रात तेरे बारे में सोचता क्यों नहीं। 


गुस्सा थूक कर आ जाओ करीब दिलवर
दिल मिलाके साथ मेरे डोलता क्यों नहीं।

मंगलवार, 10 मार्च 2009

होली २००९


प्रेम फर्रुखाबादी
की
तरफ़
से
आपकी
होली २००९
शुभ
एवं
मंगलमय हो।
बहुत
बहुत
बधाई हो!!


रविवार, 8 मार्च 2009

तेरे प्यार की बदौलत जिन्दा हूँ अब तक



तेरे प्यार की बदौलत जिन्दा हूँ अब तक
भूल कर अपना प्यार मुझसे कम न करो


दिलो जान से  हाजिर है तुम्हारी खातिर
अब और गुस्सा वजीरे- आजम न करो।


आओ भूल जाएँ मिल कर गिले शिकवे
अपना बनालो ख़राब ये मौसम न करो।


जख्में दिल अब भरने वाले नहीं जल्दी
छोड़ दो इन को इन पर मरहम न करो।


मतलब में मीठे हो वैसे तो कडुए हो तुम
जाओ मैं नहीं बोलती  मेरा दम न भरो।





बुधवार, 4 मार्च 2009

जीने का हल निकाल लिया हम ने





जीने का हल निकाल लिया हम ने।
प्यार का रोग पाल लिया हम ने।



वो भी मायूस थे हम भी मायूस थे
दिल से दिल उछाल लिया हम ने।



जिन्दगी मुहब्बत से ही सलामत
तरीकों को खंगाल लिया हम ने।



दोनों ही बरबाद होने से बच गए
एक दूजे को सभ्हाल लिया हम ने।

मंगलवार, 3 मार्च 2009

जब से तेरी मुहब्बत मिल गई है।





जब से तेरी मुहब्बत मिल गई है।
सच कहूँ मुझे जन्नत मिल गई है।

तेरा इस तरह मुझपे फ़िदा होना
लगे जहाँ की दौलत मिल गई है।

मुझे अब तुझसे जोड़ रहा हर कोई
हर तरफ़ जैसे शुहरत मिल गई है। 

तेरा प्यार राम बाण औषधि जैसा
मरते को जैसे मुहलत मिल गई है।


खुदा तेरा भी शुक्रिया साथ ही साथ
यह खुशी तेरी बदौलत मिल गई है।

सोमवार, 2 मार्च 2009

कभी दो कदम मेरे साथ चलते तो क्या बात थी












कभी दो कदम मेरे साथ चलते तो क्या बात थी।
कभी दिलसे मुझसे बात करते तो क्या बात थी।

मेरे दिल की बात जानने की तुमने कोशिश न की
कभी हाथों में अपना  हाथ धरते तो क्या बात थी।







कभी तो दिलवर तुम ने मुझे अपनापन दिया होता।
कभी तो मेरे दर्द को तुमने अपना बना लिया होता।

एक बार भी नहीं पूंछा कैसा लगता मेरा साथ प्रिये
कभी तो पास आ के सीने से मुझे लगा लिया होता।







अपनेपन के लिए उमर भर तरसी हूँ आस लिए हुए।
जीती रही हूँ जिन्दगी अपना चेहरा उदास लिए हुए।

कुए के पास रहकर भी प्यासी रही ये जिन्दगी मेरी
लगता यूँ ही मरूंगी तन - मन की प्यास लिए हुए।







मेरी बातों में क्या रखा है



मेरी बातों में क्या रखा है,अपने दिल की बात सुनाओ।
देखें क्या तकदीर तुम्हारी,लाओ अपना हाथ दिखाओ।

आज मिले हो जैसे मुझसे,कल भी यूँ ही मिलने आओगे
यहीं पे मिलोगे या और कहीं,होगी कहाँ मुलाकात बताओ।

रोज मिलेंगे दिल से मिलेंगे,जहाँ कहोगे हम वहां मिलेंगे
पर,जैसे मैं चाहती हूँ वैसे ही,गर तुम मेरा साथ निभाओ।

छल कपट की बात नहीं है,देखो अपने इस प्यार में
मेरी इन बातों पर दिलवर,क्यों हो गए उदास बताओ।