गुरुवार, 26 फ़रवरी 2009

युग प्रवर्तक पूर्व प्रधान मंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी




यह रचना तब लिखी गई जब वह प्रधान मंत्री थे।


भारत को किसी से कोई खतरा नहीं प्यारे
क्योंकि अब शासन अटल जी के हाथ है।
उनकी सूझ-बूझ जग से ही निराली लगे
देख कर हर कोई कहे वाह क्या बात है।
दांतों तले ऊँगली दबाली है विरोधियों ने
अजीब यह शख्श सब को दे रहा मात है।
बड़ा ही कठिन आंकना उनकी महानता को
जिधर रुख करें उधर टलती मुशकिलात है।

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